| 21-08-2026 |
सीजेपी के सह-संयोजक और प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि रामपुरा-कंवरपुरा गांव में निरीक्षण के दौरान उनकी टीम पर हमला किया गया. उन्होंने दावा किया कि गांव का स्कूल पिछले कई वर्षों से भैंसों के बाड़े में संचालित हो रहा है

नीट-यूज पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी की अगुआई में विरोध-प्रदर्शन किया गया था. बाद में छात्रों और युवाओं की डिमांड सरकार ने मान ली थी और तब जाकर विरोध-प्रदर्शन समाप्त हुआ था. राजस्थान से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. स्कूल की जांच करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता और अन्य कार्यकर्ताओं को स्थानीय ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा है.
प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि उनके साथ भी मारपीट की गई और कार के शीशे तोड़ डाले गए. सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह आक्रोशित ग्रामीण सीजेपी की टीम को खदेड़ रहे हैं और उनके वाहनों पर अटैक किया जा रहा है.सीजेपी का एक कार्यकर्ता कार पीछे छूट गया तो उसको ग्रामीण पीटने लगे. राजस्थान में स्कूल की बदहाल स्थिति को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने राज्य सरकार पर हमला बोला है. सीजेपी के सह-संयोजक और प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि रामपुरा-कंवरपुरा गांव में निरीक्षण के दौरान उनकी टीम पर हमला किया गया. उन्होंने दावा किया कि गांव का स्कूल पिछले कई वर्षों से भैंसों के बाड़े में संचालित हो रहा है और पिछले साल निरीक्षण के दौरान भी यही स्थिति थी.
रांका के मुताबिक, टीम के मौके पर पहुंचने से पहले ही कुछ लोग वहां मौजूद थे. उन्होंने आरोप लगाया कि सीजेपी के कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई. उनके अनुसार, वाहनों के शीशे तोड़े गए, मोबाइल फोन क्षतिग्रस्त किए गए और एक महिला के साथ भी मारपीट हुई. रांका ने दावा किया कि उनकी शर्ट फाड़ दी गई, जबकि टीम के एक सदस्य के हाथ में फ्रैक्चर हुआ है. उन्होंने पत्थरबाजी किए जाने का भी आरोप लगाया. रांका ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कथित हमले में शामिल लोगों की गिरफ्तारी और आदेश वापस लेने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर सीजेपी पूरे राजस्थान में आंदोलन करेगी. आशुतोष रांका ने कहा कि आगामी आंदोलन केवल स्कूलों के मुद्दे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग भी की जाएगी. उन्होंने घटना को राजस्थान के लोकतांत्रिक इतिहास का काला दिन करार दिया