| 29-07-2026 |
जहां केंद्र सरकार अपने वादे से मुकर रही है , कि उन युवाओं पर जो केस दर्ज हैं उन्हें वापस लेने से आनाकानी कर रही है , किसी न किसी तरह युवाओं पर दबाव बनाने का प्रयास कर रही है ।

कॉकरोच जनता पार्टी और भारतीय किसान यूनियन के बीच नेताओं की बैठक हुई है । इसमें राकेश टिकैत और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांकां भी शामिल हुए। उन्होंने भविष्य की रणनीति पर भी चर्चाएं की हैं । एक और जहां केंद्र सरकार अपने वादे से मुकर रही है , कि उन युवाओं पर जो केस दर्ज हैं उन्हें वापस लेने से आनाकानी कर रही है , किसी न किसी तरह युवाओं पर दबाव बनाने का प्रयास कर रही है । उसको समझते हुए अब कॉकरोच जनता पार्टी अपने साथियों के साथ लाम बंद होने के लिए तैयारी कर रही है । भविष्य में कोई बड़ी रणनीति अगर बनानी हो तो किस तरीके से सरकार को घेरा जा सकता है । सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांकां का और भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत ने साथ मिलकर भविष्य की रणनीति पर चर्चा की । इसके तहत किसानों, छात्रों और युवाओं को एक मंच पर लाने का इनका जो मंसूबा था उसके तहत आगे की रणनीति बनाई जा रही है। रांका ने कहा हमें उम्मीद है कि हमारे किसान भाई और देश के छात्र और युवा मिलकर मोदी सरकार को चारों ओर से गिराने का काम करेंगे और युवाओं की और किसानों की संयुक्त लड़ाई अब हम साथ में मिलकर लड़ना चाहेंगे । सिर्फ कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से ही केंद्र की सरकार को अपने कदम पीछे खींचने पड़े थे , और झूठा प्रॉमिस ही सही करना पड़ा , अब उससे भी जब आनाकानी कर रहे हैं तो भविष्य की रणनीति के लिए युवाओं ने अब अपनी नई दिशाएं तलाश करना आरंभ कर दी है । रांका ने उच्चतम न्यायालय से जुड़े एक मामले को लेकर मंगलवार को केंद्र की सरकार की आलोचना की उन्होंने आरोप लगाया के 25 जुलाई को हुई वार्ता के दौरान दिए गए आश्वासन को आज तक पूरा नहीं किया है । बल्कि उसे दाएं बाएं होकर किसी भी तरीके से बचने का प्रयास केंद्र सरकार कर रही है । यह शर्म की बात है कि सरकार ने इस मुद्दे पर विरोध दर्ज नहीं कराया और पहले दिए गए आश्वासन को भी लागू नहीं किया है। उन्होंने कहा हम मांग करते हैं कि सरकार 25 जुलाई के हुए समझौता का सम्मान करें , हमें इसके लिखित दस्तावेज दे,सभी प्राथमिक ही वापस ले , यह सुनिश्चित करें कि आगे कोई नई एफआईआर दर्ज नहीं होगी । यदि ऐसा नहीं होता तो हम फिर से आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे