| 29-07-2026 |
किसानों की जो प्रमुख मांगे हैं उसमें मूंग की सरकारी खरीदी, खाद्य वितरण में ई टोकन व्यवस्था खत्म हो, कम बारिश में भी पर्याप्त बिजली उपलब्ध हो और भावांतर योजना खत्म हो ।

मध्य प्रदेश में अब किसानों का आंदोलन जोर पकड़ता जा रहा है जहां कल लगभग 3000 से अधिक किसान नर्मदा पुरम से पहुंचे और उन्होंने बैरिकेड को तोड़कर मुख्यमंत्री निवास की ओर जाने की घोषणा की है वही अभी 10 और जिलों से किसानों के आने की संभावना है । भोपाल के अंदर किसानों का जमघट हो चुका है इस बार में अपने साथ राशन लेकर आए हैं । जिस तर्ज पर दिल्ली को घेरा गया था उसी तर्ज पर अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आंदोलन चालू होगा। किसानों की जो प्रमुख मांगे हैं उसमें मूंग की सरकारी खरीदी, खाद्य वितरण में ई टोकन व्यवस्था खत्म हो, कम बारिश में भी पर्याप्त बिजली उपलब्ध हो और भावांतर योजना खत्म हो । इन चार मांगों के लिए किसानों ने कई लंबे समय से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से चर्चा चल रही थी जिस पर कोई कार्रवाई न होते देख अब किसान लामबंद हो गए हैं। भोपाल में अभी होशंगाबाद से आने वाले रास्ते पर किसानों का जाम था लेकिन अब कई और मार्गो से किसानों ने भोपाल के अंदर घुसने की तैयारी की है । पुलिस की बेरी केटिंग को तोड़ते हुए आगे तक किसान आ चुके हैं । उनकी मांग है कि वह मुख्यमंत्री निवास के बाहर बैठकर आंदोलन करेंगे और मुख्यमंत्री उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं देते हैं तो आंदोलन लगातार चलता रहेगा हालांकि मुख्यमंत्री ने कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंसाना को चर्चा के लिए आगे बढ़ाया था परंतु अभी किसी भी बात पर सहमति न होने से किसान लगातार मध्य प्रदेश की राजधानी को घेर रहे हैं। किसानों के 19 संगठन अब एकजुट होकर अपनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार होकर राजधानी में पहुंच चुके हैं। किसानों ने खासतौर पर कहा है कि अब राजधानी तक हम पहुंच गए हैं अब खाली हाथ यहां से वापस नहीं जाएंगे । किसानों का दावा है कि बुधवार और गुरुवार को राजगढ़, शाजापुर ,गुना ,,आगर मालवा ,अशोक नगर समेत करीब 10 और जिलों से किसान लाखों की तादाद में भोपाल की ओर कूच करेंगे।