| 07-03-2026 |
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के तहत नियमित या लंबित किश्तों का भुगतान किया जा सकता है. लेकिन आदर्श आचार संहिता की अवधि के दौरान कोई अग्रिम भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा.

महाराष्ट्र निकाय चुनाव के आखिरी दिन देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मैं राज ठाकरे को बताना चाहता हूं कि उद्धव ठाकरे ने राज्य में हिंदी भाषा को अनिवार्य बनाने के फैसले लिए। उन्होंने कहा कि मुझ पर कमेंट करने के बजाय आपको उनसे पूछना चाहिए कि असली सच्चाई क्या है।
वहीं, एक दिन पहले यानी सोमवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए उन्हें मराठी मानुष की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार ठहराया।
इसी के साथ मंगलवार को महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों के चुनाव के लिए प्रचार थम गया। इन सभी सीटों पर 15 जनवरी को वोटिंग होनी है।
चुनाव में 15 हजार से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में हैं। अकेले मुंबई नगर निकाय में कुल 227 वार्ड हैं, जहां 1700 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वोटिंग का रिजल्ट 16 जनवरी को आएगा।
कांग्रेस ने अब तक मुंबई में 143 उम्मीदवारों की घोषणा की है।
इससे ३२ सीटें बिना तीसरे मोर्चे के उम्मीदवार के रह जाती हैं, जिससे वोटों का बंटवारा नहीं होगा। मुंबई नगर निकाय चुनाव सिर्फ नगर निगम का नहीं, बल्कि मुंबई की सत्ता हासिल करने की लड़ाई है। इसलिए यह महायुति और महाविकास अघाड़ी के लिए साख का सवाल है।74000 करोड़ रुपए के बजट वाली एशिया की सबसे बड़ी मुंबई नगर निकाय पर बिना बंटे शिवसेना ने (1997-2017) तक राज किया था। मुंबई नगर निगम का बजट गोवा, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के बजट से भी बड़ा है।यही कारण है कि भाजपा, उद्धव ठाकरे की शिवसेना, एकनाथ शिंदे की शिवसेना, कांग्रेस, शरद पवार और अजीत पवार अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं।राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) ने सोमवार (12 जनवरी) को महायुति के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार को मुख्यमंत्री-माझी लाडकी बहिन योजना की जनवरी की किस्त समय से पहले जारी करने से रोक दिया है.एक सप्ताह पहले भाजपा मंत्री गिरीश महाजन ने टीवी पर घोषणा की थी कि इस योजना के तहत लाभान्वित महिलाओं को भारतीय त्योहार मकर संक्रांति यानी 14 जनवरी से पहले दिसंबर और जनवरी की 3,000 रुपये की संयुक्त राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी.
उन्होंने इसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से प्रिय बहनों को विशेष उपहार बताया था.
अब राज्य चुनाव आयोग ने नगर निगम चुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने का हवाला देते हुए सरकार को इस योजना की अग्रिम किस्त जारी करने पर रोक लगा दी है.
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के तहत नियमित या लंबित किश्तों का भुगतान किया जा सकता है. लेकिन आदर्श आचार संहिता की अवधि के दौरान कोई अग्रिम भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा.