| 07-03-2026 |
चार लोगों की हत्या की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और जब तक यह नहीं होती, वे जेल में रहकर इंतजार करने को तैयार हैं। उन्होंने लद्दाख के लोगों के साथ मिलकर छठी अनुसूची और राज्य का दर्जा पाने की मांग में समर्थन जारी रखने की बात कही।

जोधपुर। लद्दाख में छठी अनुसूची और राज्य का दर्जा देने की मांग के दौरान हिंसा के मामले में गिरफ्तार सोनम वांगचुक ने चार लोगों की हत्या की जांच किसी स्वतंत्र न्यायिक एजेंसी से कराए जाने तक जेल में रहने की सहमति जताई है। यह संदेश उन्होंने अपने बड़े भाई के माध्यम से भेजा।
सोनम वांगचुक से उनके बड़े भाई त्सेतन दोरजे और वकील मुस्तफा हाजी को विशेष अनुमति के तहत जोधपुर सेंट्रल जेल में मुलाकात करने की इजाजत दी गई थी। वकील मुस्तफा हाजी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि सोनम शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हैं। उन्होंने लद्दाख और भारत के लोगों का आभार व्यक्त किया और हिंसा में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। इसके साथ ही घायलों और गिरफ्तार किए गए लोगों के लिए प्रार्थना की।
सोनम वांगचुक ने दोहराया कि चार लोगों की हत्या की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और जब तक यह नहीं होती, वे जेल में रहकर इंतजार करने को तैयार हैं। उन्होंने लद्दाख के लोगों के साथ मिलकर छठी अनुसूची और राज्य का दर्जा पाने की मांग में समर्थन जारी रखने की बात कही। साथ ही लोगों से शांति, एकता और अहिंसा के मार्ग पर चलकर संघर्ष जारी रखने की अपील की।जेल की सुरक्षा व्यवस्था : सोनम वांगचुक २४ सितंबर को लेह में हुई हिंसा के आरोप में गिरफ्तार हुए थे। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत उन्हें २६ सितंबर की रात जोधपुर सेंट्रल जेल लाया गया, जो देश की सबसे सुरक्षित जेलों में से एक है। यहां उनकी २४ घंटे सीसीटीवी निगरानी की जा रही है और उन्हें अलग वार्ड में रखा गया है।