| 29-06-2026 |
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है. ट्रस्ट की तरफ से इस मामले में एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई है. वहीं आरोपियों को लेकर भी लगातार नए खुलासे हो रहे हैं.

राम मंदिर दान गबन मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी रमाशंकर मिश्रा के घर पर छापेमारी की है, जहाँ पुलिस टीम ने परिजनों से घंटों पूछताछ करने के साथ ही उनके पैन कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य पहचान दस्तावेजों का ब्यौरा लिया, हालांकि इस तलाशी के दौरान घर से कोई भी संदिग्ध सामान बरामद नहीं हुआ है; वहीं दूसरी ओर आरोपी के पिता और भाभी ने उसे निर्दोष बताते हुए दावा किया है कि रमाशंकर को इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है क्योंकि वह पिछले ढाई साल से अपने परिवार से अलग रह रहा था, हालांकि परिजनों ने यह भी स्वीकार किया कि रमाशंकर पिछले ६-७ साल से राम मंदिर से जुड़ा हुआ था और इससे पहले भी वह कई अन्य मंदिरों में पुजारी के रूप में कार्य कर चुका है.राम मंदिर दान चोरी मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. इसी कड़ी में पुलिस ८ आरोपियों के घर पहुंची हुई है और छापेमारी कर रही है. आरोपी टिन्नू के भतीजे मनीष के घर पर भी पुलिस पहुंची हुई है. लेकिन उसके घर पर ताला लगा हुआ है. वहीं दूसरी तरफ जानकारी मिल रही है कि मनीष के घर पर ताला लगा हुआ है. पुलिस ताला तोड़कर अंदर घुस रही है. वहीं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है. ट्रस्ट की तरफ से इस मामले में एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई है. वहीं आरोपियों को लेकर भी लगातार नए खुलासे हो रहे हैं. इस बीच खबर मिल रही है कि ट्रस्ट को भंग किया जा सकता है और फिर नए सिरे से ट्रस्ट का गठन होगा. इसके अलावा सीईओ की भी नियुक्ति हो सकती है. बताया जा रहा है कि नृपेंद्र मिश्रा को सीईओ नियुक्त किया जा सकता है. जुलाई के महीने में ट्रस्ट को लेकर बड़ी बैठक होने वाली है.
अयोध्या पुलिस सूत्रों के मुताबिक राम मंदिर गबन मामले के सभी ८ आरोपियों के घरों पर की गई छापेमारी के दौरान कई कीमती चीजें बरामद हुई हैं, जिनमें सोने-चांदी के आभूषण (ज्वेलरी), प्रॉपर्टी के अहम कागजात और कुछ नकद राशि (कैश की रिकवरी) शामिल हैं; इस बीच कानूनी कार्रवाई को लेकर बड़ी खबर यह है कि अयोध्या पुलिस फिलहाल आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग नहीं करेगी, बल्कि कल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी ८ आरोपियों को १४ दिनों के लिए जेल भेजने की अपील करते हुए अदालत से ज्यूडिशियल रिमांड की मांग कर सकती है, क्योंकि जांच अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे केस में आगे एविडेंस कलेक्शन (साक्ष्य एकत्रीकरण) की जरूरत पड़ेगी, उसी के आधार पर बाद में पुलिस रिमांड के लिए एप्लिकेशन लगाई जाएगी.