| 07-03-2026 |
मीडिया का भी रोल इसमें बहुत बड़ा है यह जानबूझकर नेता बनने के लिए मीडिया के समक्ष 10 _12 लोगों के झुंड के रूप में आकर खड़े होते हैं, लाठियां हिलते हैं ,और उसके बाद चले जाते हैं।

संस्कृति और सनातन को बचाने के लिए अब गुंडे और बदमाश आगे आने लगे हुए हैं । कथित रूप से वैलेंटाइन डे का विरोध करने वाले हाथों में डंडे और लाठियां लेकर लोगों से बदतमीजी करने वाले लोग, क्या कभी उनकी हैसियत हुई के कश्मीर में जाकर उन आतंकवादियों के खिलाफ खड़े होते ,उन आतंकवादियों को भी चेतावनी देते जिन्होंने सनातनी परिवारों को उजाड़ा था कथित रूप से जाती पूछ कर। सर्वाधिक रूप से यह ध्यान देने वाली बात है की इन लोगों को संरक्षण कौन दे रहा है। पार्कों में जहां परिवार के लोग भी जाते हैं, अपने बच्चों को घूमने के लिए जाते हैं इन लोगों के कारण पार्क में ताला डाल दिए जाते हैं। हथियार लेकर चलने पर क्या पुलिस का कोई रवैया नहीं है या पुलिस का अवैध रूप से संरक्षण है ? केवल एक रंगीन गमछा डालकर और इनमें से अधिकांश के अगर चरित्र के प्रमाण पत्र मांगे जाएं तो पता लग जाएगा कि कहीं ना कहीं यह अवैध गतिविधियों में शामिल रहने वाले लोग हैं । लेकिन दूसरों के चरित्र को बचाने के नाम पर किसी भी तरीके की अभद्रता करने से यह बाज नहीं आते। मीडिया का भी रोल इसमें बहुत बड़ा है यह जानबूझकर नेता बनने के लिए मीडिया के समक्ष 10 _12 लोगों के झुंड के रूप में आकर खड़े होते हैं, लाठियां हिलते हैं ,और उसके बाद चले जाते हैं। यह कथित समाजसेवी कभी भी रोड पर ट्रैफिक जाम हो जाने पर नहीं दिखाई देंगे , किसी लड़की की अस्मिता पर हमला करते समय यह कभी भी दिखाई नहीं देंगे , आपके शहर के अंदर गंदगी मची हुई है उसके लिए हाथ बढ़ाते हुए कभी दिखाई नहीं देंगे एक सामान्य आदमी जो कि इतनी शक्ति नहीं रखता उसके ऊपर अपनी दबंगई दिखाने के लिए उनकी यह हैसियत होती है। सिर्फ मीडिया में छाए रहने के लिए ही इस तरीके की हरकतें करते हैं। इसके बाद यह सब के सब अपने-अपने घरों के अंदर दिखाई देंगे । धर्म और संस्कृति की बात करने वाले किस आधार पर दूसरों के आधार कार्ड या अन्य दस्तावेज देखने की बातें करते हैं, इन्हें यह अधिकार किसने दिया हुआ है । राजनेताओं के संरक्षण में पलने वाले युवाओं के कथित ठेकेदार केवल एक बहुमत बनाने का प्रयास है। और चुनाव के समय इनका अवैध रूप से उपयोग किया जाता है।