21-07-2026 • सिक्किम में सुरंग ढहने से कम से कम दस श्रमिकों की मौत, बचाव अभियान जारी    • हरित विकास, निवेश और रोजगार हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव    • राम मंदिर दान गबन मामल में छापेमारी    • आयरलैंड से सीरीज हारा भारत    • समय पर हो सिंहस्थ के सभी कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव    • सिक्किम में संभावित मेगालिथिक दफन स्थल की पहचान    • अमृत 2 में मध्य प्रदेश की रफ्तार धीमी    • एम्स भोपाल में जटिल माइक्रोसर्जरी से लकवाग्रस्त हाथ में लौटी हरकत    • सिक्किम पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस कलर सम्मान    • शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को दूसरा नोटिस    


21 Jul, 2026

सिक्किम में सुरंग ढहने से कम से कम दस श्रमिकों की मौत, बचाव अभियान जारी

बयान में कहा गया है कि पहचान किए गए सात मृतकों में से चार पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी से थे, एक-एक असम, पंजाब और उत्तराखंड के देहरादून से थे, और एक नामची का रहने वाला था.

सिक्किम के नामची ज़िले में यह हादसा सोमवार को समरडुंग के निकट तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन ७ किलोमीटर लंबी सुरंग के भीतर हुआ. ख़बरों के अनुसार, सुरंग में 43 मज़दूर फंस गए थे, जिनमें से 16 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. 27 अब भी फंसे हुए हैं जिनके लिए बचाव अभियान जारी है.सिक्किम के नामची ज़िले में बन रही एक सुरंग में भूस्खलन होने से कम से कम दस मज़दूरों की मौत हो गई है और कई लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका है. बचाव अभियान जारी है.

नामची ज़िला प्रशासन से मिली ताज़ा आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अब तक दस लोगों की मौत की खबर है. नामची ज़िले के एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा कि तलाशी और बचाव अभियान जारी है मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.

नामची पुलिस ने एक बयान में कहा, च्मंगलवार सुबह 9.30 बजे तक दस शव बरामद किए गए हैं. मरने वालों में से सात की पहचान कर ली गई है, जबकि तीन अज्ञात शवों को ज़िला अस्पताल सिंगटम और एसटीएनएम अस्पताल भेजा गया है.ज्

बयान में कहा गया है कि पहचान किए गए सात मृतकों में से चार पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी से थे, एक-एक असम, पंजाब और उत्तराखंड के देहरादून से थे, और एक नामची का रहने वाला था.

यह हादसा सोमवार को समरडुंग के निकट तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन 7 किलोमीटर लंबी सुरंग के भीतर हुआ.

हादसे के दौरान राष्ट्रीय जलविद्युत निगम (एनएचपीसी) और परियोजना का निर्माण कर रही पटेल इंजीनियरिंग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कुल 25 से 38 लोग नियमित निरीक्षण के लिए सुरंग में मौजूद थे.

लगातार हो रही बारिश से जमीन अस्थिर हो रही है, जिससे राहत एवं बचाव कार्य में बाधा आ रही है. वहीं, सुरंग के भीतर जहरीली गैस के रिसाव की आशंका ने तलाशी और बचाव अभियान को और अधिक जटिल बना दिया है.

खबरों के अनुसार, समरडुंग सुरंग में 43 मज़दूर फंस गए थे, जो एक पनबिजली (हाइड्रोपावर) परियोजना का हिस्सा है, लेकिन बचाव कर्मियों ने उनमें से 16 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

जब भूस्खलन हुआ और सुरंग का प्रवेश द्वार बंद हो गया, अंदर जो मज़दूर अंदर काम कर रहे थे, वे वहीं फंस गए.