| 26-07-2026 |
ईमानदार युवा काम चाहता है। जब कोई भी एजेंसी युवाओं को काबू करने के हथकंडे में नाकाम रही और आंदोलन जंतर मंतर से पूरे देश में फैल गया तब सत्ता के दम्भ में चूर नेताओं की आंखें खुली।

हो गई पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए , इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए ....दुष्यंत जी का यह शेर वर्तमान हालात में कितना सही है। युवाओं की पीड़ा जब उठी तो सत्ता को हिला डाला जहां इतना दम्भ था, बहुमत की ताकत दिखाई जा रही थी , जहां विधायक , सांसद खरीद फरोख्त चल रही थी ,बहुमत बटॊरऻ जा रहा था, वहां युवाओं के बहुमत नें सत्ता को झुका दिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हुआ हालांकि बहुत हड़कंडों पर विचार, पुलिस बल का खौफ, गंदी राजनीतिक चालें , सभी प्रयास जब असफल हुए तब जाकर इस्तीफा हुआ । यहां ईमानदारी दिखाकर शराफत से भी यही काम किया जा सकता था । परंतु सत्ता और बहुमत का दंभ, कि हमने कौन सा राजनीतिक दल है जिसे नहीं तोड़ा कहां ई डी और सीबीआई का खौफ दिखाकर विधायक सांसदों को काबू में नहीं किया परंतु सत्ता यह भूल गई कि यह युवा इस भ्रष्टाचार से पीड़ित हैं, इस भ्रष्टाचार से लड़ाई लड़ने आ रहे हैं । ईमानदार युवा काम चाहता है। जब कोई भी एजेंसी युवाओं को काबू करने के हथकंडे में नाकाम रही और आंदोलन जंतर मंतर से पूरे देश में फैल गया तब सत्ता के दम्भ में चूर नेताओं की आंखें खुली। जब युवाओं के जोश के सामने सरकार डोलती दिखाई दी तब कुंभकरण की नींद से सरकार जागी और मांगे मानी । यहां यह भी गौर करने की बात है कि पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स , फर्जी पुलिस ,गुंडे ,सभी का साथ लेकर युवाओं के लिए दमन चक्र चलाया , लाठी चली , पैलेट गन चली , एक-47 दिखाई दी, दिल्ली पुलिस की गंदी मानसिकता दिखाई दी,अधिकारियों का घिनौना चेहरा दिखा, बच्चियों के साथ गंदी हरकत करते हुए कुछ नामर्द दिखे , गेरुआ गमछा डाले एक पार्टी विशेष के गुंडे बच्चों पर मर्दानगी दिखातॆ दिखे , हिंदू मुस्लिम का एंगल बनाते दिखे। परंतु वह रे मेरे देश के पढ़े लिखे नौजवानों , आप लोगों ने अपने संस्कार भी दिखाएं और अब वास्तविकता है कि , व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के पढ़ने वाले पीछे रह गए असली पढ़ाई वाले आगे आ गए। कलम की दम ने दिखा दिया कि शिक्षा का महत्व क्या है , नई तकनीक से लैस युवाओं ने ज्ञान का दीप जलाकर गंदी राजनीति के अंधेरे को चेतावनी दे दी है