| 31-07-2026 |
युवा अब अपने अधिकारों के प्रति जागृत हो चुका है। उसे शिक्षा चाहिए उसे रोजगार चाहिए उसे चिकित्सा चाहिए और वह सुरक्षित रहना चाहता है ।

देश के पूर्व प्रधानमंत्री ने कभी कहा था कि राजनेताओं का उपयोग अपराधी अपने बचाव के लिए करते हैं। क्योंकि राजनेता भी उनसे अपने चुनाव में सहयोग की अपेक्षा रखते हैं, इसलिए बचाना पड़ता है । उसके बाद उन्होंने बताया कि बाद में अपराधियों ने स्वयं अपने आप को राजनीति में लाने के लिए तैयारी की । अपना क्षेत्र बनाया ताकि वे स्वयं राजनीति में आ सकें । यही हाल अब बच्चों के जंतर मंतर पर आंदोलन के ऊपर किया जा रहा है। दिल्ली सरकार ने कहा है कि सीजेपी के प्रदर्शन कारियाें पर एक्शन नहीं होगा , परंतु जिनका क्रिमिनल रिकॉर्ड है उन पर एक्शन होगा। यहां सरकार को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि हमारी विधानसभाओं में हमारी संसद में जितने लोग बैठे हुए हैं, जनप्रतिनिधि उनमें से कितनों का आपराधिक रिकॉर्ड है । कई तो इस समय बहुत ऊंची पोस्टों पर बैठे हुए हैं। क्या उन पर भी इस तरीके की कार्रवाई होगी या उनके केसेस को आगे लाया जाएगा ।
युवाओं के ऊपर इस तरीके का अत्याचार का प्रयास कर सरकार अपनी छवि धूमिल करने के लिए कर रही है । सरकार यदि यह सोचती है कि युवाओं के शांतिपूर्ण आंदोलन को किसी तरीके से दबाया जा सकता है ,हथियारों के दम पर, धमकी के दम पर या किसी अन्य तरीके से तो यह उसकी गलतफहमी है युवा अब अपने अधिकारों के प्रति जागृत हो चुका है। उसे शिक्षा चाहिए उसे रोजगार चाहिए उसे चिकित्सा चाहिए और वह सुरक्षित रहना चाहता है । परंतु जब सरकार स्वयं इन चीजों पर अपने आप नियंत्रण नहीं रख पा रही और ना ही उन मुद्दों पर बात करती है, सिर्फ हिंदू मुस्लिम ,जाति धर्म, मंदिर मस्जिद इस तरीके की बातों को आगे लेकर आती है या पुराने खंडहरों में नई राजनीतिक जमीन तलाश करती है तो युवाओं को कहीं से दोषी नहीं ठहराया जा सकता । देश को आज विकास की जरूरत है ना कि पुरातन धरोहरों में राजनीति के मुद्दे तलाश करने की।