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21 Aug, 2026

युवा और अधिकार

एक सरकार दूसरी पार्टियों को अपने बनाए हुए स्कूल कमरा लाइब्रेरी दिखाने के लिए बुलाती थी और आज वे सरकार आए हैं जो अपने स्कूलों तक आम जनता को देखने तक जाने नहीं दे रही यूट्यूब और मीडिया को बैन कर रहे हैं

देश में शिक्षा , खास तौर पर स्कूली शिक्षा के क्या हाल है। इसको दिखाने के लिए अब जिस तरीके से सरकारें यूटयूबर्स , मीडिया को दूर रखने का प्रयास कर रही है , इससे सच्चाई साबित होने का डर अब उन सरकारों को सताने लगा है। राजस्थान में जहां तबेले के अंदर स्कूल चलते हुए देखने के लिए एक पार्टी के युवा गए वहां पर स्थानीय लोगों ने मारपीट करके उनको भगा दिया । उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर दाल पानी , जली हुई रोटियां , नमक चावल खाते हुए बच्चे दिखाई दिए तो सरकार ने वहां पर यूटयूबर्स और मीडिया पर बैन लगा दिया । एक सरकार दूसरी पार्टियों को अपने बनाए हुए स्कूल कमरा लाइब्रेरी दिखाने के लिए बुलाती थी और आज वे सरकार आए हैं जो अपने स्कूलों तक आम जनता को देखने तक जाने नहीं दे रही यूट्यूब और मीडिया को बैन कर रहे हैं आखिर दोनों सरकारों में फर्क क्या है यह जनता भी समझ रही है । मध्य प्रदेश में पुल न होने के बाद बच्चे नदियों काे पार करते हुए दिखाई दिए उनमें शिक्षा की लगन तो है, लेकिन सरकार की ओर से सुविधा नहीं दिखाई दी। क्या यह हमारे देश का भविष्य हैं ? जो आगे चलकर देश को सुधरेंगे , वर्तमान हालात को देखकर यह लग रहा है कि शिक्षा की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है । स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा नहीं किया जा रहा है। स्कूलों की छत गिर रही है, स्कूलों में फर्नीचर नहीं है , मध्य प्रदेश, बिहार के स्कूली बच्चों ने हक की बात की मीडिया ने दिखाया । वे अपने हक की लड़ाई स्वयं लड़ने के लिए आगे आए उनका सरकार से पूछना था कि कलेक्टर के कमरे की छत क्यों नहीं गिरती ? किसी भी मंत्री के, किसी भी अधिकारी के कमरों में फर्नीचर की कमी क्यों नहीं होती ? अधिकारियों के कर्मचारियों के लिए अच्छे टॉयलेट्स होते हैं , स्कूलों में इन सुविधाओं से दूरी क्यों बनाई जाती है। स्कूलों के लिए आने वाला फंड आखिर जाता कहां है ? जनता जागरुक हो रही है , युवा अपने अधिकारों के लिए आगे आ रहे हैं, सरकारों को अब समझना पड़ेगा कि यह नए वोटर भविष्य में अपने जब मताधिकार का प्रयोग करेंगे तो आपको किस स्थिति को झेलना पड़ेगा।