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चौबेजी की बात
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क्या यही है कांग्रेस

मध्य प्रदेश के कांग्रेस के बड़े नेताओं ने मध्यप्रदेश में कांग्रेस को रसातल में पहुंचाने के लिए शायद कसम खा ली है पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह जिस तरह से मध्यप्रदेश में कांग्रेस में अपने विरोधियों को सिरे से छाटने में लगे हुए हैं यह मध्य प्रदेश के लिए कोई अच्छे संकेत नहीं देते हैं
कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के दुर्व्यवहार और अहंकार के कारण ही सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ी इन नेताओं की इसी हेकड़ी के कारण मध्य प्रदेश में कितने वर्षों बाद बनी हुई सरकार हाथ से निकल गई और अब सत्ता गंवाने के बाद नेता अपनी पुरानी हैसियत पाने के लिए भडभडाते ते घूम रहे हैं सत्ता मिल जाने पर मंत्रियों के तेवर देखने का बिल थे जनता द्वारा चुने जाने के बाद भी जनता के ही काम नहीं हो रहे थे मार्केट में अपने मार्केटिंग प्रतिनिधि बाजार में छोड़ रखे थे जो उनके लिए काम करते थे
कांग्रेस अब प्रदेश की खंडवा लोकसभा और वह रैगांव ,पृथ्वीपुर और जोबट विधानसभा उपचुनाव के लिए तैयारी करने के प्रयास कर रही है पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण सुभाष यादव जो खंडवा के लिए एक बेहतरीन प्रत्याशी साबित हो सकते हैं को जानबूझकर नकारा जा रहा है और जनता की राय लेने की बात की जा रही है वहीं निर्दलीय विधायक शेरा अपनी पत्नी के लिए कमलनाथ से मुलाकात कर रहे हैं वहां से टिकट देने के लिए दिग्विजय सिंह और कमलनाथ अपनी आत्म संतुष्टि के लिए अपने विरोधियों को आगे नहीं आने देना चाहते या यह कहें कि उन्हें राजनीतिक खतरा जिनसे भी है उनकी काट छांट में लगे हुए हैं कांग्रेस को आज भी अपनी परिस्थिति सुधारने के लिए सामंजस्य बिठाकर काम करना चाहिए
छत्तीसगढ़ में भी एक राजनेता जो अपने आपको सोनिया गांधी का काफी करीबी बताते थे कांग्रेस में रहकर भाजपा के साथ मिलकर काम किया करते थे और पार्टी को नीचे गिराने के प्रयास करते थे झीरम घाटी कांड जिसमें कांग्रेस के कई नेताओं ने अपनी जान गंवाई ,मैं भी कथित रूप से उन्हीं नेता का नाम था और उनकी उपस्थिति के कारण कांग्रेस आगे नहीं बढ़ पा रही थी परंतु जिस तारीख से उन्हें पार्टी से निकाला गया कांग्रेस पार्टी पुनः एक साथ आई और आज छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बहुत अच्छे से काम कर रही है मध्यप्रदेश में यदि हाईकमान इस तरीके का कोई कदम नहीं उठा रहा पर यहां की गुटबाजी और यहां के अपने आप को नेता साबित करने की मुहिम के कारण कांग्रेस किसी भी दिन धरातल पर आ जाएगी
पुनीत चतुर्वेदी