Vaagmi
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पर्यटन
इससे पहले, २६ अप्रैल को अक्षयतृतीया पर उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट खोल दिए गये थे । चमोली में बदरीनाथ धाम के कपाट १५ मई को खुलेंगे ।
गिनीज बुक में लिखा है कि ५५० साल पुराने इस पेड़ की परिधि सबसे ज़्यादा है. यह ५ एकड़ में फैला है और इसके क्षेत्र का चौहद्दी ८५४ मीटर है. इस पेड़ को वैश्विक पहचान दिलाने में सबसे बड़ा हाथ सत्यनारायण अय्यर का रहा
रायसेन जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर खरवई के पास 450 एकड़ क्षेत्र में चिड़ियाघर और रेस्क्यू सेंटर बनाने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार की ओर से इस सिलसिले में अंतरिम स्वीकृति वन विभाग को मिल गई है।
इस पूरी पहाड़ी में इन पंक्तियो के लिखे जाने तक 100 से अधिक प्राचिन गुफाओं की खोज वर्ष 2007 से 2012 में की गई। अब तक खोज में पाया गया कि 35 गुफाओं में पेड़ पौधो के रंगो से अनेक प्रकार की आकृति बनाई गई है। महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के इतिहासकारो ने समय-समय पर विभिन्न प्रवासों के दौरान यहां पर खोज यात्रा में भाग लेकर रहस्यों पर से पर्दा उठाने का प्रयास किया लेकिन रहस्य अनसुलझी पहेली बना हुआ है
पचमढी मे आपको प्राकृतिक ,धार्मिक ,एैतिहासिक और साहसिक पर्यटन की विविधता मिलती है। मटकुली से आगे जाते ही आपको खूबसूरत नजारें मिल जाऐंगे,देनवा नदी का पुल पार करते ही आपकी आंखें को नयनाभिराम दृश्य दिखाई देनें लगेंगे।