Vaagmi
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चौबेजी की बात
मध्यप्रदेश में यदि हाईकमान इस तरीके का कोई कदम नहीं उठा रहा पर यहां की गुटबाजी और यहां के अपने आप को नेता साबित करने की मुहिम के कारण कांग्रेस किसी भी दिन धरातल पर आ जाएगी
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान पूरे देश ने देखा आम जनता ने मां-बाप को खोया बहनों को खोया परंतु देश के नेताओं को यह दिखाई नहीं दिया यदि देश में ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई तो सुप्रीम कोर्ट में आम आदमी पार्टी के साथ भाजपा की सरकार क्यों लड़ रही थी
अभी समय है और लोगों को वापस अपने पुराने समय पर आने में समय लगेगा परंतु इस समय सरकार को मानवता पूर्ण रवैया अपनाकर बहाने ना करते हुए आम लोगों के लिए सुविधाएं मुहैया कराना चाहिए और रोजगार के साधन खुलना चाहिए
कुल मिलाकर नियमों की अवहेलना होने के कारण यह दुर्घटना हुई जिम्मेदार अधिकारियों को किसी भी तरीके से नहीं छोडना चाहिए उन पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। जिम्मेदारी से सरकार भी नहीं बच सकती ऐसी कार्रवाई के समय कोई नियम क्यों नहीं बनाए गए।
उमा भारती ने दिग्विजय सिंह के कार्यकाल के लिए कही थी कि मैं सत्ता में आई तो दिग्विजय सिंह सलाखों के पीछे दिखाई देंगे परंतु कुछ भी नहीं हुआ 15 साल की भाजपा सरकार चली भी गई और अब वर्तमान सरकार विपक्ष की ओर आरोप की उंगली उठा रही है परंतु कार्यवाही होती कहीं नहीं दिख रही।
राजनीति समाज सेवा का जरिया है परंतु आज भ्रष्टाचार के जिस तरह से प्रकरण सामने आ रहे हैं उनसे दिखाई देता है कि राजनीति मिशन और समाज सेवा से आगे बढ़कर व्यवसाय हो गई है ।
कितने ही कार्यकर्ता शहीद करा दिऐ पर एक भी नेता एैसा नही दिखा जो वास्तव में भक्त होता और ये वादा करता कि जब तक राम लला टेंट में रहेंगे तब तक मैं भी टेंट में रहूंगा। क्या राजनीति में कहीं ईमानदारी दिख रही है ?
राजधानी पुलिस सुबह से शाम बैरीकेटिंग कर हैलमेट और पेपर चेक में लगी रहती है और ’’वसूली’’ करते सडक पर देखे जा सकते हैं। घटनास्थल पर नशेडी और अपराधी तत्व खुले आम जुआ खेलते देखे जा सकते हैं ,महाराणाप्रताप नगर में नशेडी खुले आम हरकत देते देखे जा सकते है क्या पुलिस प्रशासन को दिखाई नहीं देता ?
डेरा समर्थको को धारा 144 लगे होनें के बाद भी शहरो में क्यों प्रवेश करनें दिया गया ? खट्टर सरकार बननें से पहले वोट के लिये जब नेता कथित बाबा के साथ आ रहे थे तब किस दम से उनके समर्थको को रोकते।
चाहे भाजपा हो या कांग्रेस सरकार को वामपंथियों से समर्थन की जरूरत पडती ही है कहीं ये कारण तो नहीं है कि सरकार इस समस्या को उलझा कर रखना चाहती है? अब जनता चाहती है कि निर्णायक कदम उठा कर दिखाया जाऐ अन्यथा नागनाथ और सांप नाथ का भेद समाप्त हो जाऐगा।
मोदी शाह की जोडी जिस कर आक्रामक तरीके से काम कर रही है वह एक उदाहरण है कांग्रेस और अन्य दलों का इनसे टक्कर के लिये नई रणनीति की दरकार है।
डंपर और मुख्यमंत्री का भी अजब रिश्ता है शिवराज सिंह के मुख्यमंत्री बनते ही एक डंपर कांड हुआ था इसके बाद उन डंपरो के नंबर और डिटेल गायब कर दिये गऐ थे।
समय की बात है आज अखिलेश का दांव चल गया है परंतु दौर अभी मुलायम का खत्म नही हुआ है।
कटनी में पांच सौ करोड के हवाला धोटाले को ईमानदारी से उजागर करनें वाले एस पी गौरव तिवारी को स्थानांतरित करके मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार नें अपनें उपर ही संदेह का मौका दिया है।
दुनिया के 48 देशों में करीब दो करोड़ भारतीय प्रवासी के रूप में रह रहे हैं। इनमें से 11 देशों में 5 लाख से ज्यादा प्रवासी भारतीय वहां की औसत जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं और वहां की आर्थिक व राजनीतिक दशा व दिशा को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।