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dharavi is new red zone

धारावी है मुंबई का हॉटस्पॉट

मुंबई के धारावी में कोरोना वायरस संक्रमण भले ही देर से पहुंचा हो, लेकिन ४५ दिनों से भी कम समय में कोविड-१९ के १,००० से अधिक मामले सामने आ चुके हैं और इस महामारी से ४० लोगों की मौत हो चुकी है।

एशिया की इस सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती में कोविड-१९ से जुड़े ये आंकड़े यहां इस महामारी के फैलने की रफ्तार की ओर इशारा करते हैं।

बुधवार को संक्रमण के ६६ नये मामले सामने के साथ धारावी में कुल मामले बढ़ कर १,०२८ हो गये।

धारावी के डॉ. बलीगा नगर में एक अप्रैल को कोविड-१९ संक्रमण के प्रथम मामले की पुष्टि हुई थी और यह महानगर प्रशासन के लिये खतरे की घंटी के समान थी।

हालांकि, शुरूआती पखवाड़े में धारावी में संक्रमण के प्रसार की दर कुछ धीमी रही और संक्रमण के लगभग १०० मामले ही सामने आये थे। लेकिन तीन मई तक यह आंकड़ा ५०० की संख्या को पार कर गया।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के छह मई तक के आंकड़ों के मुताबिक धारावी में संक्रमण के दोगुनी होने की अवधि छह दिन है और यहां के ज्यादातर कोविड-१९ मरीज ३१ से ४० वर्ष आयु वर्ग समूह के हैं।

धारावी की आबादी करीब ६.५ लाख है। यहां का जनसंख्या घनत्व २,२७,१३६ है।

बीएमसी सूत्रों के मुताबिक नगर निकाय २१३ निरूद्ध क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं और दवाइयों की आपूर्ति कर रहा है।

धारावी पुनर्विकास समिति के प्रमुख राजू कोरदे ने कहा कि उपयुक्त स्वच्छता सुविधाओं के अभाव और कमरों में अधिक संख्या में लोगों का रहना इलाके में कोरोना वायरस संक्रमण फैलने का मुख्य कारण है।

कोरदे ने कहा, धारावी  में छोटे-छोटे कमरे हैं और तंग गलियां हैं। इसलिए, यदि बीएमसी निरूद्ध क्षेत्र बनाती भी है तो दो गज दूरी के नियमों का पालन करना असंभव है। नगर निकाय अधिकारियों के मुताबिक धारावी में २२५ सामुदायिक शौचालय, १०० सार्वजनिक शौचालय और महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित १२५ शौचालय हैं।

 बीएमसी के एक अधिकारी ने कहा,  सैकड़ों लोग इलाके में साझा शौचालय का इस्तेमाल करते हैं, ऐसे में संक्रमण फैलने का खतरा अधिक है। यही कारण है कि इन स्थानों को नियमित रूप से साफ सुथरा करने की जरूरत है।

धारावी में नगर निगम के नौ दवाखाने हैं। इसके अलावा करीब ५० निजी क्लीनिक भी हैं।

बीएमसी के आंकड़ों के मुताबिक धारावी के अत्यधिक जोखिम वाले क्षेत्र के कुल ४७,५०० बाशिंदों की और निरूद्ध क्षेत्रों के सवा लाख बाशिंदों की अब तक जांच की गई है।

आंकड़ों के मुताबिक २४ चिकित्सकों की मदद से करीब चार लाख धारावी वासियों की जांच की गई है।