Vaagmi
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चौबेजी की बात
oxygen ki jaroorat kise

ऑक्सीजन किस की जरूरत

किसी ने क्या खूब बात कही है कि झूठ बोलने वाला और सुनने वाला जब यह जानता हूं कि वह झूठ है तो वह पाप की श्रेणी में नहीं आता यही स्थिति हमारे देश में नेताओं की है सुनने वाले और सुनाने वाले सदन में बैठकर बहस करते हैं परंतु सच्चाई सामने किसी तरीके से नहीं लाना चाहते देश की सरकार कहती है ऑक्सीजन की कमी से किसी की भी मौत नहीं हुई कोरोना की दूसरी लहर के दौरान पूरे देश ने देखा आम जनता ने  मां-बाप को खोया बहनों को खोया परंतु देश के नेताओं को यह दिखाई नहीं दिया यदि देश में ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई तो सुप्रीम कोर्ट में आम आदमी पार्टी के साथ भाजपा की सरकार क्यों लड़ रही थी मध्य प्रदेश के अंदर पीपुल्स हॉस्पिटल के 1 दिन में 10 लोगों की मौत हुई इसके अलावा प्रदेश के और देश के अन्य राज्यों में ऑक्सीजन की मारामारी रही परंतु केंद्र सरकार और हमारे जनप्रतिनिधियों को कहीं यह चीजें दिखाई नहीं थी इसीलिए संसद जैसी पवित्र स्थान पर भी झूठ बोलने से नहीं चूके लोग अस्पतालों में ऑक्सीजन के लिए तड़प रहे थे हजारों के सिलेंडर के लिए लाखों रुपए खर्च कर रहे थे खाली सिलेंडर के लिए लंबी कतारें थी परंतु जनप्रतिनिधियों को शायद यह दिखाई नहीं दिया इसीलिए सत्ता में बैठे लोग अपनी खाल बचाने के लिए अब एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते फिर रहे हैं क्योंकि संसद जैसी जगह में आम आदमी के लिए बोलने वाला कोई नहीं है अतः सरकार अपने स्तर पर ही कार्रवाई कर रही है मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने बहुत आसानी से अपनी पीठ थपथपाई कि हम लोगों ने बहुत ही अच्छे तरीके से ऑक्सीजन का मैनेजमेंट किया परंतु धरातल की बात कुछ और ही थी
सरकारों को अपनी नाकामी दिखाई नहीं दे रही परंतु भला हो उन गुरुद्वारों पर दो सिखों ने ऑक्सीजन के लंगर खोलें और आम आदमी जैसे जिंदगी के लिए थोड़ी देर ऑक्सीजन की जरूरत थी उन्हें वहां उपलब्ध कराई ताकि वह सुरक्षित अस्पतालों तक पहुंच पाए यह मैनेजमेंट सरकारें नहीं कर पाए क्योंकि उनका उद्देश्य शायद कुछ और होगा परंतु आम जनता के लिए दिल्ली में तथा अन्य स्थानों पर ऑक्सीजन लंगर ने काफी मदद की लोग आज भी उनकी सराहना करते नहीं थक रहे परंतु नेता आज किसी भी स्थिति में जनता के सामने जाकर यह बोलने की स्थिति में नहीं है कि हमारा मैनेजमेंट कैसा था जेड प्लस और वाई प्लस सुरक्षा में रहने वाले कथित तौर पर आम जनता के प्रतिनिधि आज उनके समक्ष बिना सुरक्षा के जाकर दिखाएं तो असलियत सामने आए देश की जनता को मरने के लिए उनके हाल पर छोड़ दिया गया और अविवेकपूर्ण निर्णय और के कारण कोविड-19 टी पॉजिटिव रिपोर्ट के बाद अस्पतालों में भर्ती करने के नियम के कारण कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी क्योंकि ऑक्सीजन की कमी के चलते लोगों ने दम तोड़ा परंतु  ऑन रिकॉर्ड आप कैसे साबित करेंगे किसी चीज का फायदा यह राज नेता संसद में बैठकर दिखाना चाह रहे हैं परंतु सच्चाई आम जनता ने भोगी है इसलिए चाहे जो भी राजनीतिक दल हो किसी की भी सरकार हो आज जनता के सामने जाने की हिमाकत नहीं कर सकते आगामी पांच राज्यों के चुनाव सत्ताधारी पार्टी के लिए कोई अच्छे निर्णय नहीं लाएंगे ना किसी का चेहरा सामने आएगा ना आम जनता को कितनी सुरक्षा दी गई यह बता पाएंगे
शर्म आती है जनप्रतिनिधियों पर जो जनता की इन परेशानियों के समय पर समक्ष खड़े ना हो सके और अब जब वोट मांगने जाएंगे तब उनका निर्णय यही जनता करेगी किसी के पास उसका जवाब नहीं होगा जिन सरकारों ने अच्छे काम किए होंगे जनता की निगाह में भी सामने जाने की स्थिति में ही आ पाएंगे सदन में आप कुछ भी कहते रहे सच्चाई आम जनता ने भोगी है उस पीड़ा को भुला पाना इस जन्म में तो आसान नहीं होगा और झूठ बोलने वाले नेताओं का निर्णय भी यही जनता अब करेगी
पुनीत चतुर्वेदी